Thursday, January 22, 2015

हरापुर एक सुन्दर गाँव । हरापुर गाँव में हरा-भरा खेत, छोटा-बड़ा पेड़ और छोटे-छोटे घर थॆ । हरापुर गाँव के जंगल मे बहुत पशु-पक्षी भी रहते थे । यह सुन्दर प्रदेश मे गौरी उसके माता और पिता साथ रहते थे ।
एक दिन गौरी स्कूल से घर लौटते समय एक आवाज़ आयी । गौरी ने वह सुनी । एक सुन्दर बिल्ली । वह बिल्ली को साथ लेकर घर चली । गौरी की माता ने बिल्ली को देखा । माँ बहुत खुश हुई । उसकी माता का नाम निर्मला । निर्मला बिल्लियों को बहुत प्यार करती थी । इसलिए माँ को बहुत खुशी हुई । माँ बिल्ली को दूध देती । गौरी विल्लीको बिस्कुट देती । बिल्ली को बहुत खुशी हुई । गौरी बिल्ली को पुकारा - पिंकी । एक दिन गौरी उसकी सहेलियो से कहा कि मेरे घर में एक बिल्ली है । उसका रंग सफ़ेद है । तुम मेरे घर आओ कल उसका जन्मदिन है । इसलिए बिल्ली को देखने के लिए उसकी सहेलियों घर आयीं । गौरी उनको दावत देती । पिंकी के जन्मदिन में वह बिल्ली को एक उपहार देती । वह एक सोने की माला थी । गौरी को पिंकी के साथ बहुत प्यार थी । सभी दिन वह पिंकी कॆ साथ नींद रहती थी ।
फिर एक दिन गौरी का वर्षगाँठ है । उसके पिताजी मुंबय मे काम करते है । उसके जन्मदिन मे वे घर आये । उसको जन्मदिन की बधाइयाँ बोलकर, स्वीट देकर उसको एक उपहार दिये । वह एक छोटा, सफेद बिल्ली थी । गौरी को बहुत खुशी हुई । वह दोनों बिल्लीयों को दूध देती ।
गौरी दोनो बिल्लीयों के साथ खुशी से बहुत साल रहती थी ।

No comments:

Post a Comment